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रविवार, 26 दिसंबर 2010

मौत

बहुत निष्ठुर प्रेमिका है मौत
रूठकर ऐसी गई
                       आती नहीं.
जनम से
घर में घुसी यह सौत
                       ज़िन्दगी
उसको तनिक
                       भाती नहीं.

(१२/१०/२००३)

1 टिप्पणी:

Suman ने कहा…

गागर में सागर छुपा है
इस रचना में, सुंदर अर्थपूर्ण !