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रविवार, 20 दिसंबर 2009

बेटी

बेटी






जब तुम पास नहीं होती

तब मैं अकेली होती हूँ।

इसे तुम जानती हो, माँ

इसीलिए तो अपने आशीष

रोज गूँथ देती हो

मेरी वेणी में सवेरे- सवेरे..
अपना सारा लाड़

आँज देती हो मेरी आंखों में

घर से निकलते समय.
तुम दुनिया भर में

सबसे अच्छी माँ हो,

-मेरी माँ .

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