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रविवार, 20 दिसंबर 2009

देश

यह इतिहास मेरी पहचान है






देश


जब कभी मैं आँख मींच कर

अपने आप से कहता हूँ - 'देश'
तो अंधेरे में अचानक जगमगाती है

इतिहास की विराटता,
कानों में गूंजने लगता है - 'वंदे मातरम
दिखाई पड़ते हैं
-महाराणा प्रताप
-शिवाजी
-झांसी की रानी
-तिलक और गांधी।



और फिर सुनाई पड़ता है
स्वतंत्र भारत का जयघोष.

यह इतिहास मेरी पहचान है!

हाँ, मेरा देश महान है!!

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